दिवंगत परिजनों को याद रखने के लिए आदिवासी समाज बनाते है प्रतिमाएं

thumbnail


बांसवाड़ा। एक तरफ जहां आधुनिक समाज में आत्मीयता की कमी आने लगी है और पूर्वजों को कभी कभार ही याद किया जाता है वहीं आदिवासी बाहुल बांसवाड़ा जिले में अपने दिवंगत परिजनों की याद को हमेशा ताजा रखने के लिए प्रतिमाएं बनाने की अनूठी परंपरा है। स्वाभाविक या हादसों में अपनों को खो चुके परिजन आंगन या खेतों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। प्रतिमाओं की खासियत भी यह रहती है कि जिसे जिस चीज का शौक था उसकी मूर्ति भी उसी के साथ बनाई जाती है।

 मसलन, किसी की घोड़े पर तो किसी की बाइक पर सवार तो किसी की तलवार थामे प्रतिमा भी बनवाई जाती है। यह स्नेह केवल चंद घंटों या एक दिन का नहीं बल्कि पीढ़ियों से चला आ रहा है। इतना ही नहीं, इन प्रतिमाओं की पीढ़ी दर पीढ़ी सार-संभाल कर पूजन किया जाता है। छोटी सरवन के आड़ीभीत के गौतम की 20 साल पहले सलूंबर के पास सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनके बेटे विकास की भी बदरेल में सड़क हादसे में मौत हो गई। परिजनों को उनकी यादों को हमेशा ताजा रखने के लिए पिता-पुत्र की प्रतिमाएं बनवा दी। पिता गौतम की घोड़े पर तो बेटे की बाइक पर बैठे प्रतिमा बनाई गई है। परिजन धनजी डिंडोर ने बताया कि हर शनिवार को इन मूर्तियों पर वह नारियल चढ़ाकर उनका आशीर्वाद मांगते है।

सरपंच ने जिंदा रहते बनवाई अपनी प्रतिमाः कटूंबी में 6 बार सरपंच रहे खातूराम की उनके घर के सामने प्रतिमा लगी है। 21 जुलाई, 2015 को उनकी मौत हो गई थी। बेटी काली ने बताया पिता ने खुद ही उनकी मौत से दो साल पहले प्रतिमा बनवा दी थी ताकि उनके बाद परिवार में उनकी याद ताजा बनी रहे। खातूराम की दो पत्निशं थी और दोनों से 4 बेटे और 5 बेटियां है। यहां चौथी पीढ़ी से घोड़े पर सवार प्रतिमा पूज रहे झुपेल गांव में भी करमा निनामा की घोड़े पर सवार प्रतिमा बनाई गई है। परिजन छगनलाल निनामा ने बताया कि यह प्रतिमा उनके परदादा करमा की है। 

यह खबर भी पढ़े: तमंचे पर डिस्को गाने पर लड़के चला रहे थे गोलियां, मौत के घाट उतरी महिला

यह खबर भी पढ़े: महिला ने खांसते हुए कहा- ‘मुझे कोरोना वायरस है’, इतना सुनते ही उड़े बलात्कारी के होश और…

 

जयपुर में प्लॉट मात्र 289/- प्रति sq. Feet में  बुक करें 9314166166

source

Back To Top

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

दैनिक समाचार will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.