विश्व आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश घोषित होः अखाड़ा

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दुमका। नौ अगस्त को मनाये जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश की मांग को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने बैठक आयोजित की। बैठक चांद-भैरो मुर्मू जुवन आखड़ा और ग्रामीणों के संयुक्त तत्वावधान में सदर प्रखंड दुमका के सरूवा पंचायत के करमडीह गांव में आयोजित हुई। आखड़ा और ग्रामीणों का कहना है कि झारखंड राज्य आदिवासियों के “अबुवा दिवस अबुवा राज” के नाम पर बिहार से अलग हुआ। लेकिन अफसोस है कि झारखंड राज्य के इतने वर्ष होने के बाद भी अबुवा दिवस अबुवा राज का सपना अब तक साकार नहीं हुआ। झारखंड राज्य आदिवासी बाहुल्य राज्य होने के बाद भी यहां अब तक 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश नहीं है। जबकि राजस्थान के साथ अन्य कई राज्यों में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश का घोषणा किया गया है। वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वंय आदिवासी है और यहां के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू भी स्वंय आदिवासी है। 

उसके बाद भी राज्य में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश नहीं घोषित होना दुःखद है। आखड़ा पिछले सरकार से ही 9 अगस्त को राजकीय अवकाश का मांग करती आयी है। लेकिन अब तक 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश की घोषणा नहीं किया गया है। आखड़ा और ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है कि दुमका विधान सभा के उपचुनाव पर सभी राजनितिक पार्टियों से यह पूछा जायेगा कि आखिर 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश क्यों नहीं है।

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