81 साल की महिला ने राम मंदिर बनने का लिया था संकल्प, 28 साल से नहीं किया अन्न ग्रहण, राम के नाम पर ही हैं जीवित

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नई दिल्ली। सदियों से देखा एक सपना अब पूरा होने जा रहा है। कई पीढ़ियां राम मंदिर के इंतजार में गुजर गईं लेकिन 21 वीं सदी का भारत एक नया इतिहास लिखने जा रहा हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तैयारियां बहुत जोरो से चल रही हैं। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर पांच अगस्त को भूमि पूजन के साथ ही भव्य व दिव्य मंदिर निर्माण की नींव पड़ जायेगी। ऐसे में आपको बता दे की राम मंदिर निर्माण को लेकर मध्यप्रदेश के जबलपुर की एक महिला ने जो संकल्प लिया था वो अब पूरा होने जा रहा है। जबलपुर निवासी 81 साल की उर्मिला चतुर्वेदी ने 28 साल पहले विवादित ढांचा गिरने पर संकल्प लिया था कि जब तक राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं होगा वो अन्न ग्रहण नहीं करेंगी और अब जब 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है तो उर्मिला को अपना संकल्प पूरा होता दिख रहा है। 

जानकारी के अनुसार 1992 में जब ढांचा गिरा था तब उर्मिला चतुर्वेदी 53 साल की थीं। ढांचा गिरने के बाद जब देश मे दंगे हुए तो इससे आहत होकर ही उर्मिला ने संकल्प लिया था कि जिस दिन सबकी सहमति से मन्दिर निर्माण शुरू होगा उस दिन वो अन्न ग्रहण करेंगी। अन्न त्यागने के संकल्प को लेकर उनके परिजनों ने कई बार उनसे संकल्प खत्म करने की मिन्नत की लेकिन उर्मिला टस से मस नहीं हुईं और तब से उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया और केवल फलाहार कर रहीं हैं। उर्मिला के घर में राम दरबार हैं जहां वो रोज़ बैठकर राम नाम का जाप भी करती हैं। 

अब जब 5 अगस्त को मन्दिर का भूमिपूजन होने जा रहा है तो उर्मिला चतुर्वेदी की इच्छा है कि अयोध्या में रामलला के दर्शन करके ही वो अपना संकल्प खोलें हालांकि ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा क्योंकि 5 अगस्त को अयोध्या में किसी भी बाहरी का जाना मना है ऐसे में परिवार का कहना है कि घर पर बैठकर कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट देखने के बाद इनका संकल्प पूरा कराने की कोशिश की जाएगी। 

बाकी जीवन अयोध्या में बिताना चाहती हैं उर्मिला

विजय नगर निवासी उर्मिला चतुर्वेदी की उम्र 81 वर्ष है। उम्र के साथ सुनने और देखने की क्षमता कमजोर हो गई, लेकिन हौसला नहीं। राम का नाम जपते हुए पिछले 28 सालों से बिना अन्न के जीवन बिता रही उर्मिला चतुर्वेदी का कहना है कि उनका बहुत मन था कि भूमिपूजन वाले दिन वो अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करें लेकिन सबने कहा है कि ये मुमकिन नहीं है क्योंकि वहां सिर्फ आमंत्रण मिलने पर ही जाया जा सकता है। उर्मिला चतुर्वेदी का कहना है कि उनका संकल्प तो पूरा हो ही गया अब उनकी बस इतनी इच्छा है कि अयोध्या में थोड़ी सी जगह मिल जाए ताकि बाकी जीवन वो वहां बिता सकें। 

कंठस्थ हैं रामायण की चौपाइयां:

उर्मिला चतुर्वेदी ने जहां एक तरफ राम मंदिर निर्माण शुरू होने तक अन्न ग्रहण ना करने का संकल्प लिया तो वहीं उनका ज्यादातर समय पूजा-पाठ और रामायण पढ़ने में बीतता है। पिछले कई सालों से उनकी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया है।

बताया जा रहा हैं की उर्मिला चतुर्वेदी सुबह जल्दी उठ कर पूजा करने के बाद घर के बच्चों के साथ समय बिताती हैं और उसके बाद रामायण पढ़तीं हैं। वैसे तो उर्मिला अकेले दिनभर रामायण पढ़ती हैं लेकिन समय मिलने पर कई बार घर के अन्य सदस्य भी उनके साथ रामायण या गीता पढ़ते हैं। 

जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि 5 अगस्त को पीएम मोदी सुबह 11.15 बजे सबसे पहले साकेत महाविद्यालय में उतरेंगे। वहां से हनुमान गढ़ी मंदिर जाएंगे। हनुमान गढ़ी दर्शन के बाद पीएम मोदी भूमि पूजन के लिए राम जन्मभूमि जाएंगे। इसके बाद पीएम मोदी लोगों को संबोधित भी करेंगे। कुल मिलाकर करीब 2 घंटे अयोध्या में बिताने के बाद पीएम मोदी वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

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