UK: बागेश्वर अटैचमेंट विवाद में नया मोड़, सरकार के दावों पर मंत्री के पत्र ने उठाए सवाल !

ख़बर शेयर करे -

अटैचमेंट खत्म करने के सरकारी दावों के बीच शिक्षा मंत्री के नाम से एक कर्मचारी को अटैच करने का पत्र वायरल हुआ, जिससे सरकारी नीति पर सवाल उठे हैं।

 

प्रदेश में एक तरफ जहां सरकार और शिक्षा महकमा सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने तथा संबद्धीकरण (अटैचमेंट) की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला शिक्षा विभाग में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने नीति और नियत दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नाम से जारी एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है जिसने विभागीय दावों की पोल खोल दी है। इस पत्र में सीईओ बागेश्वर को निर्देशित किया गया है कि कृपया अनुरोध के अनुसार कार्ययोजित करें।

जिले के करुली निवासी जानकी देवी ने शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखा था। पत्र में अपनी बीमारी का हवाला देते हुए मांग की थी कि उनके पुत्र त्रिलोक सिंह जो जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज शामा (अशासकीय विद्यालय) में लिपिक के पद पर तैनात हैं उन्हें घर से विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण बीईओ कार्यालय कपकोट में अटैच किया जाए।

अशासकीय कर्मी का सरकारी दफ्तर में कैसे हुआ अटैचमेंट?
इस पत्र के सामने आते ही शिक्षा महकमे में खलबली मच गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जो कर्मचारी एक अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय का है, उसे सरकारी बीईओ कार्यालय में किस नियम के तहत संबद्ध किया जा सकता है? इस बारे में जब संवाद न्यूज एजेंसी ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से बात की तो उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई। मंत्री ने साफ कहा कि पूरे प्रदेश में अटैचमेंट को खत्म करने के सख्त निर्देश हैं, ऐसे में यह आदेश बेहद संदेहास्पद है।

शिक्षा मंत्री ने फोन पर ही सीईओ को लगाई फटकार
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने तत्काल फोन पर ही मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) विनय कुमार को लाइन पर लिया और फटकार लगाई। उन्होंने पूछा कि अशासकीय विद्यालय वाला कर्मी हमारे सरकारी विभाग में कैसे अटैच हो गया? क्या वह नियम से बड़ा आदमी है। मंत्री ने आशंका जताई कि या तो उनके कार्यालय से किसी ने गलत पत्र जारी कर दिया है या फिर इस पत्र पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने अधिकारी को निर्देशित किया कि उक्त कर्मी को तुरंत वापस उसके मूल विद्यालय भेजा जाए और इस पूरे मामले की गहन जांच की जाए कि आखिर यह जुगाड़ तंत्र किसकी शह पर चल रहा था। उन्होंने फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर प्राथमिकी दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं।

पूरे प्रदेश में अटैचमेंट की व्यवस्था को पूर्णतः समाप्त करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। अशासकीय विद्यालय के किसी भी कर्मचारी को सरकारी बीईओ कार्यालय में अटैच करने का कोई नियम नहीं है। मामला संज्ञान में आते ही मैंने तुरंत सीईओ को फटकार लगाई है। उक्त कर्मी का अटैचमेंट निरस्त कर उसे वापस मूल विद्यालय भेजने और पूरे प्रकरण की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं। यदि विभागीय स्तर पर किसी ने लापरवाही की है या मेरे फर्जी हस्ताक्षरों का सहारा लिया गया है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

 


ख़बर शेयर करे -

Related Posts

अब तेजी से कटेंगे डिफाल्टर विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन

ख़बर शेयर करे -

ख़बर शेयर करे -The post अब तेजी से कटेंगे डिफाल्टर विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन appeared first on Avikal Uttarakhand. यूपीसीएल- तय लक्ष्य पूरा नहीं होने पर एमडी ने जताई नाराज़गी…


ख़बर शेयर करे -

तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से किया सम्मानित

ख़बर शेयर करे -

ख़बर शेयर करे -The post तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से किया सम्मानित appeared first on Avikal Uttarakhand. तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार से बढ़ाकर 75…


ख़बर शेयर करे -

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

  • By
  • August 26, 2026
  • 2 views
  • By
  • August 24, 2026
  • 5 views
  • By
  • August 23, 2026
  • 2 views
  • By
  • August 23, 2026
  • 2 views
  • By
  • August 23, 2026
  • 2 views

उत्तराखंड: सुल्तानपुर पट्टी-कोसी बांध मार्ग पर तेंदुए की दस्तक, राहगीरों में मचा हड़कंप; वीडियो वायरल !

उत्तराखंड: सुल्तानपुर पट्टी-कोसी बांध मार्ग पर तेंदुए की दस्तक, राहगीरों में मचा हड़कंप; वीडियो वायरल !