निदेशक शहरी विकास विनोद गोस्वामी ने ब्रेथवेट कंपनी के पदाधिकारियों को एक पत्र भेजा है। इसमें साफ कर दिया है कि 29 मई को अनुबंध खत्म होने के बाद 17 जुलाई तक ही वह आरोग्य मंदिरों का संचालन कर सकते थे।
मलिन बस्तियों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए प्रदेश में 114 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद नहीं होंगे। एक अगस्त से इनका संचालन अस्थायी तौर पर नगर निकाय करेंगे।
ब्रेथवेट को निकायों से एकत्र करना होगा पैसा
ब्रेथवेट कंपनी से जुड़े जो लोग प्रदेश में आरोग्य मंदिर चला रहे हैं, उनका बजट फंस गया है। दरअसल, ब्रेथवेट कंपनी को पिछले वित्तीय वर्ष का कुल खर्च 39 करोड़ का बजट नगर निकायों को जारी किया जा चुका है। अब कंपनी को हर निकाय से अलग-अलग अपना पैसा एकत्र करना होगा। कुछ आरोग्य मंदिर संचालकों का कहना है कि यह बजट न मिलने के कारण उनके कर्मचारियों का दो माह का वेतन अटक गया है। उन्हें चिंता सता रही है कि अब ब्रेथवेट कंपनी कब पैसा लेगी, कब उन्हें देगी।
कोई भी आरोग्य मंदिर 31 जुलाई के बाद बंद नहीं होगा। इनमें से कुछ तो नगर निकाय अपने स्तर से संचालित कर रहे हैं। बाकी भी ब्रिडकुल से एमओयू होने तक अस्थायी तौर पर इनका संचालन करेंगे।

