उत्तराखंड में बंजी जंपिंग पर नई गाइडलाइन जल्द जारी होगी। 50 वर्ष से अधिक उम्र के जितने भी लोग बंजी जंपिंग का करना चाहते हैं, उनके लिए अब मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा।
उत्तराखंड के देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश एडवेंचर स्पोर्ट्स, खासकर बंजी जंपिंग के गढ़ बनकर उभरे हैं लेकिन हाल ही में कुछ दुखद घटनाओं ने पर्यटकों की सुरक्षा और ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसने शासन ने सुरक्षा के मानक पर नई नियमावली लागू करने की तैयारी कर ली है।
यह एक माह में लागू हो जाएगी। पर्यटन सचिव धीरज गबर्याल ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने बंजी जंपिंग के संबंध में नई गाइडलाइंस और नियमावली तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
यह हुईं दुखद घटनाएं
पिछले साल 12 नवंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित थ्रिल फैक्ट्री एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी टूटने से गुड़गांव का 24 वर्षीय युवक नीचे टिन की छत पर गिरने से गंभीर घायल हो गया था। इस हादसे ने बंजी कॉर्ड की गुणवत्ता और उसकी जांच पर सवालिया निशान लगा दिया था। गत 15 जून को बंजी जंपिंग करने के कुछ देर बाद एक युवक के पेट में तेज दर्द उठा और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मौत का वास्तविक कारण क्या रहा यह कहना बेहद मुश्किल है क्योंकि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बंजी जंपिंग के दौरान शरीर में अचानक एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है और गुरुत्वाकर्षण के विपरीत भारी दबाव पड़ता है, जिससे कभी-कभी दिल या आंतरिक अंगों पर अप्रत्याशित असर पड़ सकता है।

