चार अभेद्य सीटों पर कोर कमेटी के नेताओं को टिकट, भाजपा ने बनाया जीत का खास प्लान !

ख़बर शेयर करे -

उत्तराखंड की चार अभेद्य सीटों पर भाजपा ने कोर कमेटी के सदस्य उतारे हैं। इसी के साथ पार्टी का सूक्ष्म प्रबंधन शुरू हो गया है। चकराता, पिरान कलियर, मंगलौर, धारचूला के लिए भाजपा ने जाल बिछाया है। वहीं यमुनोत्री, भगवानपुर और यमुनोत्री में भी जीत की राह तैयार करने में पार्टी जुटी है।

राज्य के 26 साल के इतिहास में कांग्रेस के 10 साल छोड़ दें तो 16 साल भाजपा ने राज किया। फिलहाल लगातार दूसरी बार सत्तानशीं भाजपा के लिए राज्य की चार ऐसी सीटें हैं, जिन्हें पार्टी की रीति, नीति कभी जीत में नहीं बदल पाई। इस बार पहले से ही यहां भाजपा ने जाल बिछा दिया है।

चारों सीटों पर प्रदेश कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों को भेज दिया गया है। माइक्रो मैनेजमेंट (सूक्ष्म प्रबंधन) तेज कर दिया है। चकराता, पिरान कलियर, मंगलौर, धारचूला में जीत के लिए इस बार संगठन खास तवज्जो दे रहा है।

ये शुरू हुई कसरत

-सभी ऐसी सीटों पर प्रदेश कोर कमेटी के एक-एक सदस्य को भेज दिया गया है। चुनाव तक पूरा प्रबंधन वही देखेंगे।

-माइक्रो मैनेजमेंट के तहत बूथ, मंडल, मन की बात के समन्वयक, प्रकोष्ठ, मोर्चा के नेताओं को एक साथ जोड़ा गया है।

-मकसद ये है कि बूथ के एक-एक कार्यकर्ता की मदद से हर मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

-इन विधानसभाओं की पार्टी मुख्यालय के स्तर से निगरानी की जा रही है। यहां होने वाली गतिविधियों पर खास जोर है।

-जहां विपक्षी कांग्रेस के अलावा कोई तीसरा उम्मीदवार होगा, उस पर भी नजर है। मुकाबला त्रिकोणीय बन सके।

ये चार सीटें आज तक नहीं जीती भाजपा

चकराता (देहरादून) : 2002 से 2022 तक के सभी पांच चुनावों में यहां से कांग्रेस के प्रीतम सिंह ही विधायक रहे हैं।

पिरान कलियर (हरिद्वार) : परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर 2012, 2017 और 2022 के चुनावों में कांग्रेस के फुरकान अहमद लगातार जीतते आ रहे हैं।

मंगलौर (हरिद्वार) : 2002, 2007, 2012 में यह सीट बसपा के पास थी। 2017 में कांग्रेस को मिली। 2022 में फिर बसपा, 2024 में उपचुनाव के बाद फिर कांग्रेस के पास आ गई।

धारचूला (पिथौरागढ़) : 2002, 2007 में निर्दलीय गगन सिंह रजवार जीते। 2012, 2017, 2022 में कांग्रेस के हरीश धामी विधायक हैं। 2014 का उपचुनाव भी भाजपा हारी।

इन सीटों पर भी जीत को तरसे

यमुनोत्री (उत्तरकाशी) : 2002 में यूकेडी, 2007 में कांग्रेस, 2012 में यूकेडी, 2022 निर्दलीय विधायक बने। केवल 2017 में भाजपा के केदार सिंह रावत जीते।

भगवानपुर (हरिद्वार) : 2002 में भाजपा से चंद्रशेखर जीते। 2007, 2012 में बसपा के पास रही। 2017, 2022 में कांग्रेस के पास।

हल्द्वानी (नैनीताल) : 2002 में कांग्रेस को मिली। 2007 में भाजपा के बंशीधर भगत जीते। 2012, 2017, 2022 में लगातार कांग्रेस के पास है।
ऐसी सीटों के लिए हमने पहले से ही तैयारी शुरू की हुई है। सभी समीकरणों को देखा समझा जा रहा है। जहां मुकाबला त्रिकोणीय होगा, वहां भाजपा अपने पक्ष में माहौल करने के प्रयास करेगी। संगठन स्तर पर काम तेजी से शुरू हो गया है।  -महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा\"\"


ख़बर शेयर करे -

Related Posts

अब तेजी से कटेंगे डिफाल्टर विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन

ख़बर शेयर करे -

ख़बर शेयर करे -The post अब तेजी से कटेंगे डिफाल्टर विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शन appeared first on Avikal Uttarakhand. यूपीसीएल- तय लक्ष्य पूरा नहीं होने पर एमडी ने जताई नाराज़गी…


ख़बर शेयर करे -

तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से किया सम्मानित

ख़बर शेयर करे -

ख़बर शेयर करे -The post तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार से किया सम्मानित appeared first on Avikal Uttarakhand. तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार से बढ़ाकर 75…


ख़बर शेयर करे -

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

  • By
  • August 26, 2026
  • 1 views
  • By
  • August 24, 2026
  • 4 views
  • By
  • August 23, 2026
  • 1 views
  • By
  • August 23, 2026
  • 1 views
  • By
  • August 23, 2026
  • 1 views

उत्तराखंड: सुल्तानपुर पट्टी-कोसी बांध मार्ग पर तेंदुए की दस्तक, राहगीरों में मचा हड़कंप; वीडियो वायरल !

उत्तराखंड: सुल्तानपुर पट्टी-कोसी बांध मार्ग पर तेंदुए की दस्तक, राहगीरों में मचा हड़कंप; वीडियो वायरल !