बिजली की मांग करीब 6.5 करोड़ यूनिट पहुंच गई है। बिजलीघरों पर इतना लोड हो रहा है कि कई जगह ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर यूपीसीएल कहीं भी घोषित कटौती से इन्कार कर रहा है।
जून की गर्मी में पिछले दो दिनों में बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बिजली की मांग करीब 6.5 करोड़ यूनिट पहुंच गई है। बिजलीघरों पर इतना लोड हो रहा है कि कई जगह ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर यूपीसीएल कहीं भी घोषित कटौती से इन्कार कर रहा है।
जैसे-जैसे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, राज्य के पावर ग्रिड पर भार भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भी ऋषिकेश में ओवरलोडिंग की वजह से 132 केवी ज्वालापुर बिजलीघर में एक घंटे की कटौती हुई। 132 केवी पदार्था में 20 मिनट की कटौती हुई। 160 एमवीए ट्रांसफार्मर श्रीनगर पर ओवरलोडिंग के कारण 132 केवी पदार्था बिजलीघर में एक घंटा 20 मिनट, 132 केवी ज्वालापुर-चीला लाइन और 132 केवी ज्वालापुर-ऋषिकेश लाइन में ट्रिपिंग की वजह से 132 केवी ज्वालापुर बिजलीघर में 16 मिनट की कटौती हुई। इसके अलावा श्रीनगर में ट्रिपिंग के कारण 132 केवी श्रीनगर, सिमली, सतपुली और कोटद्वार में 22 मिनट की कटौती करनी पड़ी।
गर्मी के बीच यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन करीब 1.6 करोड़ यूनिट पर चल रहा है। पिछले साल एक जुलाई को यूजेवीएनएल का उत्पादन 1.9 करोड़ यूनिट था। अब कुछ बारिश होने के बाद उत्पादन बढ़ने की संभावना है। फिलहाल पीक मांग के बीच यूपीसीएल के लिए बिजली आपूर्ति चुनौती बना हुआ है।

