सबसे अधिक चिंता फिजिशियन की कमी को लेकर है। अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी हर दिन 100 से 150 तक होती हैं। यहां फिजिशियन के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन लंबे समय से केवल वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अमित रौतेला ही यहां तैनात थे।
पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे राजकीय उपजिला चिकित्सालय को एक और बड़ा झटका लगा है। शासन ने अस्पताल से आठ विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया है। हालांकि अधिकांश पदों पर प्रतिस्थानी चिकित्सकों की तैनाती की गई है, लेकिन फिजिशियन, आर्थोपेडिक सर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ जैसे तीन महत्वपूर्ण पदों पर किसी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की गई। इससे अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

